Manoj Kumar Sharma: मनोज कुमार शर्मा की कहानी उन सभी लोगों के लिए इंप्रेशन है जो छोटी-छोटी हारों से डर जाते हैं। जो अपनी मेहनत और संघर्ष से उस सफलता को हासिल किया।

मनोज 12वीं की परीक्षा में फेल हुए थे, लेकिन इस हार के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास नहीं हारा। उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत और उत्साह से आगे बढ़ा, जिससे वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IPS) की परीक्षा को पास कर सकें। 

उनकी कहानी इतनी प्रेरणादायक है कि उस पर एक पुस्तक लिखी गई, जिसका नाम है ’12th फेल’। इस पुस्तक को अनुराग पाठक ने लिखा है और अब इस पर एक फिल्म भी बनाई गई है, जिसका नाम भी ’12th फेल’ होगा। 

उनकी इस यात्रा में उनकी गर्लफ्रेंड ने बड़ा ही साथ दिया। आइए, हम देखते हैं कि उनकी सफलता की कहानी कैसे है – IPS मनोज कुमार शर्मा का जीवनी, उनका जन्म, उनके शिक्षा संस्थानों में प्रवेश, उनका संघर्ष और उनकी गर्लफ्रेंड का महत्त्वपूर्ण योगदान। 

मनोज कुमार शर्मा क्यों चर्चा में है

मनोज कुमार शर्मा इस समय चर्चा में हैं क्योंकि उनकी अनूठी कहानी ने ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में उनके जीवन पर आधारित ’12th फेल’ नामक किताब लिखी गई है, जिसके लेखक अनुराग पाठक हैं। और अब उनके जीवन पर फिल्म भी बन रही है।

मनोज की जीवनी की बात करें तो वो एक फिल्म स्टोरी से कम नहीं है। उनकी यह यात्रा, जिसने गरीबी से लेकर आईपीएस तक की उच्चाईयों को छूने का सफर किया, 12वीं में फेल होने के बावजूद भी अनथक मेहनत और अदम्य संघर्ष से लड़ा गया है। इससे बड़े संदेश में छिपा है कि किसी भी हालत में हिम्मत और सपनों को पूरा करने की ताकत होती है।

मनोज शर्मा का जन्म और परिवार जीवन

आईपीएस अधिकारी मनोज शर्मा का जन्म 3 जुलाई 1975 में मध्य प्रदेश के मुरेना जिले के छोटे से गांव बिलग्राम में हुआ था। उनके पिताजी का नाम श्री रामवीर शर्मा था, जो एक किसान थे। और बारे बही का नाम दीपक शर्मा और छोटी बहन का नाम रजनी शर्मा है। मनोज शर्मा के जीवन में उनकी मां ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे हर कदम पर उनके साथ रहीं और समर्थन प्रदान किया। उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था, इसलिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा। 

मनोज कुमार शर्मा का शिक्षा

मनोज शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने स्थानीय स्कूल में पूरी की, और आठवीं तक बिना किसी तकलीफ के पास किया। उसके बाद, वह नौवीं और दसवीं की परीक्षाएं किसी तरह से पास कर ली। फिर महारानी लक्ष्मी बाई गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, ग्वालियर, मध्य प्रदेश में दाखिला किया और वहां से ग्यारहवीं कक्षा भी किसी तरह से पास हो गई। 

लेकिन जब 12वीं की परीक्षा हुई, तो उस समय SDM परीक्षा केंद्र पर जांच के लिए आए थे। उसके सभी स्टूडेंट्स को वही बैठाया गया था, और उस केंद्र के सभी स्टूडेंट्स को फेल कर दिया गया। क्योंकि उस स्कूल में टीचर्स नकल करवाते थे और उन्हें जवाब भी दिखा दिया जाता था। 

स्कूल के सभी छात्रों को SDM पर बहुत गुस्सा आया, पर उन्हें यह देखकर चौंकाने वाला लगा कि कोई भी टीचर कुछ नहीं कर पा रहा था। उससे प्रभावित होकर, उन्होंने सोचा कि वह भी SDM बनेंगे। 

उसके बाद, उन्होंने फिर से 12वीं की परीक्षा दी और पास हो गए। उसके बाद, उन्होंने बीए की पढ़ाई पूरी की।

मनोज कुमार शर्मा SDM की तैयारी 

मनोज कुमार शर्मा ने SDM बनने के लिए MPPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू की, जिसे उनके दोस्तों से पता चला। उन्होंने MPPSC की तैयारी शुरू की, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि IPS और IAS जैसी प्रभावशाली नौकरी के लिए UPSC की परीक्षा देनी होगी। इसके लिए उन्हें दिल्ली जाकर पढ़ाई करनी होगी। 

उन्होंने UPSC की तैयारी करने के लिए दिल्ली के मुखर्जी नगर जाकर विकास दिव्यकृति सर की संस्था, दृष्टि IAS, में एन्रोल किया। वहीं से उन्होंने अपनी तैयारी शुरू की। UPSC की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें श्रद्धा जोशी शर्मा से मिली, जो भी UPSC की तैयारी कर रही थी। उनकी मुलाकात से ही इन दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। कहा जाता है कि मनोज की परीक्षा की तैयारी में श्रद्धा ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

मनोज कुमार शर्मा का यूपीएससी के लिए संघर्ष

मनोज कुमार शर्मा ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में प्रथम, दूसरे और तीसरे प्रयास में मेहनत और संघर्ष के बावजूद सफलता नहीं पाई। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी। उनका चौथा प्रयास UPSC की परीक्षा में सफल रहा, और वे All India 121 वीं रैंक हासिल कर चुके हैं। वे IPS अधिकारी बन गए हैं। वर्तमान में, वे मुंबई पुलिस में अतिरिक्त कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं।

मनोज कुमार शर्मा का गर्लफ्रेंड और सादी

मनोज कुमार शर्मा की गर्लफ्रेंड का नाम श्रद्धा जोशी शर्मा (IRS Officer)था, और उनकी मुलाकात विकास दिव्यकृति सर की संस्था, दृष्टि IAS में हुई थी। वे दोनों अच्छे दोस्त थे और साथ में पढ़ाई करते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई, और UPSC की ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद उन्होंने 5 दिसंबर 2005 को सादी कर ली। और उनके दो बच्चे भी है, मानस शर्म और जिया शर्मा है।

मनोज ने किया गर्लफ्रेंड से वादा

मनोज कुमार शर्मा ने हर जगह असफलता का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड से वादा किया कि अगर वह एक बार हाँ कहती है, तो वह उसके लिए दुनिया को हाँका चाँदी कर देगा। उनकी गर्लफ्रेंड ने भी उनकी परीक्षा की तैयारी में काफी मदद की।

मनोज कुमार शर्मा का कुछ रोचक जानकारियां

  • मनोज कुमार शर्मा की कुछ रोचक जानकारियां हैं। उन्होंने कई मेहनतों के बाद भी सिविल सर्विस की तैयारी की, पहले प्रयास में वे असफल रहे। लेकिन वे हार नहीं माने।
  • दूसरी बार भी उन्होंने प्रयास किया, लेकिन इसमें भी उन्हें सफलता नहीं मिली, तीसरे प्रयास में भी उन्होंने असफलता का सामना किया। फिर भी वे हिम्मत नहीं हारे और मेहनत करते रहे।
  • उन्हें बचपन से ही सफलता मिलती रही, लेकिन उनका इरादा हमेशा पक्का रहा। चौथे प्रयास में, सिविल सर्विसेज की परीक्षा में वे ऑल इंडिया में 121वीं रैंक हासिल कर आईपीएस ऑफिसर बन गए।
  • वर्तमान में, मनोज कुमार शर्मा मुंबई पुलिस में अतिरिक्त कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी सफलता की कहानी में माता-पिता के साथ-साथ उनकी प्रेमिका श्रद्धा जोशी शर्मा का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
  • यह आज के युवाओं के लिए बड़ा संदेश है, जो एक बार असफल होने के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। इनसे सीख लेनी चाहिए क्योंकि असफलता ही आपको बड़ी सफलता तक पहुंचा सकती है। इसका जीवंत उदाहरण मनोज है।