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भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ हमेशा से ही टैलेंटेड लोग होते रहे हैं। आज भारतीय लोग अपने टैलेंट के दम पर दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनीज में ऊंचे ऊंचे पदों पर काम कर रहे हैं। उन लोगों ने यह मुकाम अपनी मेहनत के दम पर हासिल किया है।

आज हम एक ऐसे ही भारतीय के बारे में बात करेंगे जो इस समय दुनिया की बहुत बड़ी कंपनी के सीईओ के रूप में काम कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं सुंदर पिचाई के बारे में जो गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ के रूप में काम कर रही है। ये मूल रूप से भारत से आते हैं। इन्होंने अपनी ज्यादातर पढ़ाई भी भारत में ही करी। आज सुन्दर सिर्फ अपने टैलेंट और मेहनत के दम पर ही यहाँ तक पहुंचने में कामयाब रही है।

सुंदर पिचाई हमारे देश की लाखों करोड़ों लोगों के लिए किसी इनस्पिरेशन से कम नहीं है। इसलिए आज के इस वीडियो में हम सुंदर पिचाई के जीवन को शुरू से जानने की कोशिश करेंगे और जानेगे कि आखिर कैसे पहले गूगल और फिर अल्फाबेट के सीईओ बनने में कामयाब रहे। 

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 सुंदर पिचाई का जन्म और प्रारंभिक जीवन (Sundar pichai biography in Hindi)

सुंदर पिचाई का जन्म 10 जून 1972 को तमिलनाडु के मदुरई में हुआ था। इनकी माँ का नाम लक्ष्मी था। तब पेशे से एक स्टेनोग्राफर थी। वहीं सुंदर के पिता का नाम रघुनाथ पिचाई था। वह एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हुआ करते थे और उनका मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी था जहाँ इलेक्ट्रिकल कॉम्पोनेंट्स बनाए जाते थे। सुंदर पिचाई चेन्नई के अशोक नगर में दो कमरे वाले अपार्टमेंट में रहती थीं और वहीं वह बढ़े हुए। सुंदर पिचाई एक मिडल क्लास परिवार में जन्मे थे और अच्छे जीवन के लिए उनका पढ़ना बहुत ज़रूरी था।

सुंदर पिचाई का शिक्षा और बचपना (Sundar pichai education and Childhood)

तब बचपन से ही पढ़ाई में काफी अच्छी थी। उन्होंने अपने स्कूल की पढ़ाई जवाहर विद्यालय से करी और उनके पिता बताते हैं कि बचपन से ही वे इलेक्ट्रॉनिक्स में भी काफी इंटरेस्टेड रहती थी। जब एक बार उनके घर पर लैंडलाइन टेलीफोन आया था तो वह उस टेलीफोन को खोलकर चेक करने लगी हैं की आखिर ये काम कैसे करता है?

इसके अलावा अगर उनके पिता भी कोई इलेक्ट्रिकल कॉम्पोनेंट्स घर लाते तो सुन्दर उसको बड़ी रुचि से इन्स्पेक्टर किया करते थे। इसके बाद सुंदर ने तय करा कि वह आगे चलकर इंजीनीरिंग करेंगी और इसी के लिए उन्होंने जेईई एग्जाम की तैयारी करनी शुरू कर दी। 

दोस्तों, आपको बता दूँ कि हमारे देश का आईआईटी जेईई का एग्ज़ैम दुनिया के कुछ सबसे टफ एग्जाम्स में से एक है और सुंदर पिचाई ने उसको क्लियर कर आइआइटी खड़गपुर में ऐडमिशन लिया। आपको मैं ये भी बता दूँ कि आइटी इंजीनियरिंग के लिए भारत के कुछ सबसे अच्छे इन्स्टिट्यूशन्स में से एक है।

फिर सुंदर पिचाई ने आईआईटी खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करी। जिसके बाद उनको मटिरीअल साइनस और सेमीकंडक्टर फिजिक्स पढ़ने के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली और उन्होंने स्टैनफोर्ड जैसी नामी यूनिवर्सिटी से एमएस की डिग्री हासिल करें। 

इसके बाद उन्होंने पहले तो पीएचडी करने का फैसला करा पर बीच में ही इस आइडिया को ड्रॉप कर दिया और फिर कुछ समय तक एक कंपनी में बतौर इंजीनियर और प्रॉडक्ट मैनेजर काम करते रहे। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया से 2002 में अपनी एमबीए की पढ़ाई पूरी किए।

सुंदर पिचाई का स्टार्टिंग केरियर (Sundar pichai starting career)

एम बी ए करने के बाद उनके पास नौकरी करने के कई ऑफर्स आये। पर उन्होंने मैं कैन सी ऐंड कंपनी में काम करना बेहतर समझा। अगले कुछ समय तक मैं इसी कंपनी में काम करते रहे, जिसके बाद 2004 में उन्होंने गूगल जॉइन करी। शुरुआत में उन्होंने गूगल सर्च टूलबार पर एक छोटी टीम के साथ काम किया।  इसके बाद उन्होंने गूगल के कई अलग प्रोडक्ट्स पर भी काम किया है।

सुंदर पिचाई की ब्राउज़र आईडिया (Sundar pichai browser Idia)

गूगल के टूलबार की कामयाबी से सुंदर पिचाई को आइडिया आया कि गूगल को खुदका ब्राउज़र बनाना चाहिए। इसी आइडिया को उन्होंने अपने सीनियर और उस वक्त के सीईओ एरिक श्मिट से डिस्कस किया जिन्होंने इस आइडिया को ये कहकर नकार दिया कि इसमें बहुत ही ज्यादा खर्चा आएगा।

 लेकिन सुंदर ने मन बना लिया था कि इस आइडिया को वह हकीकत बना कर रहेंगे। इसीलिए उन्होंने गूगल के को फाउंडर लैरी पेज और सर जी ब्रेन को खुदका ब्राउज़र लॉन्च करें के लिए कन्विंस कर लिया।

गूगल क्रोम बनाने में सुंदर पिचाई ने काफी अहम रोल निभाया। कुछ ही वर्षों में गूगल क्रोम दुनिया भर में लॉन्च हुआ और काफी सफल भी रहा और इसकी मदद से दुनिया भर के टेक वर्ल्ड में सुंदर पिचाई एक जाना माना नाम बन गए।  

बड़ी बड़ी कंपनियों का ऑफरी (offers from big companies)

गूगल के द्वारा ऐल्फाबेट कंपनी भी बनाई गई थी, जो कि गूगल की बाकी सारी सब्सिडीज को देखने की जिम्मेदारी रखती थीं। इसके अलावा दोस्तों मैं आपको बता दूँ कि सुंदर पिचाई का दुनिया भर के टैंक वर्ल्ड में फेमस होने के कारण कई और बड़ी कंपनीज भी उनको अपनी कंपनी का सीईओ बनाना चाहती थी।

इसके लिए उन्होंने सुंदर पिचाई को बहुत बड़ी रकम भी। ऑफर करि पर सुंदर पिचाई ने हमेशा खुद को गूगल के प्रति लॉयल पाया और इसी कारण वह हमेशा इस कंपनी को और दुनियाभर की टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने के लिए काम करती रहती है।

सुंदर पिचाई अल्फाबेट कंपनी सीइओ है (Sundar pichai alphabet company CEO)

 सुंदर पिचाई एल्फाबेट और Google का भी सीईओ हैं  और इस मुकाम तक वह अपनी मेहनत की वजह से ही पहुँच सकी है।

निष्कर्ष:-

उम्मीद करते हैं कि आपको सुंदर पिचाई की कहानी जरूर प्रेरित करेगी और अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई हो तो आप इस पोस्ट को शेयर करके हमारा मनोबल बढ़ा सकते हैं। धन्यवाद।